janvivek.com

South Sudan Conflict 2026: हिंसा तेज, 169 की मौत अफ्रीका में बढ़ता संकट

South Sudan Conflict 2026

4 March 2026

South Sudan Conflict 2026 एक बार फिर अफ्रीका के सबसे युवा देश को गृहयुद्ध के मुहाने पर ले आया है। 3 मार्च 2026 तक दक्षिण सूडान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में सरकारी सेना और विपक्षी गुटों के बीच संघर्ष तेज हो गया है। हाल के दिनों में हुई हिंसा ने 2013 के खूनी गृहयुद्ध की यादें ताजा कर दी हैं। जमीनी रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रपति सलवा कीर के प्रति वफादार सेना और निलंबित उपराष्ट्रपति रीक मचार से जुड़े समूहों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है।

रविवार को उत्तर के मायोम काउंटी से आए सशस्त्र युवाओं ने पड़ोसी अबीएमनोम काउंटी के एक गांव पर हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 169 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और सरकारी सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल बताए गए हैं। यह घटना सूडान सीमा के पास रुवेंग प्रशासनिक क्षेत्र में हुई।

पृष्ठभूमि: आज़ादी से अस्थिरता तक

दक्षिण सूडान ने 2011 में सूडान से अलग होकर स्वतंत्रता हासिल की थी। उस समय राष्ट्रपति बने सलवा कीर और उपराष्ट्रपति रीक मचार दोनों ही स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख चेहरे थे। लेकिन 2013 में राजनीतिक मतभेद बढ़े और कीर द्वारा मचार को पद से हटाए जाने के बाद देश गृहयुद्ध में उतर गया।

इस संघर्ष में 4 लाख से अधिक लोगों की जान गई और लगभग आधी आबादी विस्थापित हुई। यह लड़ाई मुख्य रूप से कीर की डिंका और मचार की नुएर समुदाय के बीच जातीय आधार पर लड़ी गई। 2018 में शांति समझौता हुआ, जिसके तहत मचार दोबारा उपराष्ट्रपति बने, लेकिन सत्ता साझेदारी का समझौता पूरी तरह लागू नहीं हो पाया।

South Sudan Conflict 2026: हालिया हिंसा क्यों बढ़ी?

पिछले साल सितंबर में रीक मचार पर हत्या और देशद्रोह जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। उन्हें व्हाइट आर्मी द्वारा नासिर काउंटी में सरकारी सेना पर किए गए हमले से जोड़ा गया। इसके बाद राष्ट्रपति कीर ने उन्हें निलंबित कर दिया और वह फिलहाल नजरबंद हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि मचार के खिलाफ कार्रवाई ने विपक्ष को एकजुट कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय संकट समूह (International Crisis Group) के विश्लेषक डैनियल अकेच के अनुसार, “सरकार द्वारा मचार को निशाना बनाने से अलग-अलग गुट फिर एक मंच पर आ गए हैं। वह अब एक प्रतीकात्मक एकता का चेहरा बन गए हैं, भले ही सीधे आदेश न दे पा रहे हों।”

जोंगलेई और रुवेंग में हिंसा

South Sudan Conflict 2026 के तहत जोंगलेई राज्य में पिछले दो महीनों में हिंसा तेजी से बढ़ी है। दिसंबर से विपक्षी बलों ने कई सरकारी चौकियां अपने कब्जे में ली थीं। जनवरी से सरकार ने जवाबी अभियान शुरू किया।

हाल के हमले में अबीएमनोम गांव पर हमला कथित रूप से व्हाइट आर्मी से जुड़े लोगों ने किया। हालांकि विपक्षी दल SPLM-IO ने हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है और कहा है कि उस क्षेत्र में उनकी कोई सैन्य मौजूदगी नहीं है।

संयुक्त राष्ट्र मिशन ने बताया है कि उसने 1,000 से अधिक नागरिकों को अपने बेस में शरण दी है और घायलों का इलाज किया जा रहा है। लगभग 23 लोग घायल हुए हैं।

मानवीय संकट और MSF की चिंता

Doctors Without Borders (MSF) ने जानकारी दी है कि जोंगलेई के लंकिएन और पिएरी इलाकों में हालिया हिंसा के बाद उसके 26 कर्मचारी लापता हैं। संगठन ने बताया कि उसका अस्पताल हवाई हमले में क्षतिग्रस्त हुआ और बाद में लूट लिया गया। असुरक्षा के कारण चिकित्सा सेवाएं निलंबित करनी पड़ी हैं।

पिछले दो महीनों में अनुमानित 2.8 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। राहत एजेंसियों के लिए काम करना कठिन हो गया है क्योंकि सड़कों और हवाई मार्गों पर खतरा बढ़ गया है।

अंतरराष्ट्रीय चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने हाल ही में चेतावनी दी कि दक्षिण सूडान एक “खतरनाक मोड़” पर खड़ा है। उन्होंने शांति समझौते को बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि राजनीतिक संवाद शुरू नहीं हुआ तो South Sudan Conflict 2026 पूर्ण गृहयुद्ध में बदल सकता है।

निष्कर्ष

3 मार्च 2026 तक की स्थिति दर्शाती है कि South Sudan Conflict 2026 तेजी से गंभीर रूप ले रहा है। शांति समझौता कमजोर पड़ता दिख रहा है और राजनीतिक अविश्वास बढ़ता जा रहा है। यदि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत बहाल नहीं हुई तो देश फिर से व्यापक गृहयुद्ध की आग में झुलस सकता है।

दक्षिण सूडान की जनता, जिसने पहले ही एक लंबा और दर्दनाक संघर्ष झेला है, अब दोबारा अस्थिरता के दौर में फंसती दिखाई दे रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका इस समय बेहद अहम हो गई है। आने वाले सप्ताह तय करेंगे कि यह देश शांति की ओर बढ़ेगा या फिर एक और विनाशकारी अध्याय की ओर।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Index