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अप्रैल मैं होने वाले राज्यों के चुनाव 2026: ये 5 राज्य तय करेंगे 2029 की दिशा

अप्रैल मैं होने वाले राज्यों के चुनाव 2026

2 अप्रैल 2026

अप्रैल मैं होने वाले राज्यों के चुनाव 2026

अप्रैल मैं होने वाले राज्यों के चुनाव 2026 देश की राजनीति के लिए एक बड़ा मोड़ साबित होने जा रहे हैं। 2 अप्रैल 2026 तक चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है और Election Commission of India द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार अप्रैल में मतदान और 4 मई को नतीजे आएंगे। इस बार असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में कुल 824 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। ये चुनाव 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं, इसलिए हर पार्टी इसे सेमीफाइनल की तरह देख रही है।

इन अप्रैल मैं होने वाले राज्यों के चुनाव 2026 का बैकग्राउंड भी काफी दिलचस्प है। चुनाव की घोषणा 15 मार्च को हुई और उसी के साथ Model Code of Conduct लागू हो गया। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा Special Intensive Revision (SIR) को लेकर हो रही है, जिसमें मतदाताओं को दोबारा अपनी जानकारी अपडेट करनी पड़ी। विपक्ष का आरोप है कि इससे कुछ वर्गों के वोटर प्रभावित हुए हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे पारदर्शिता का कदम बता रहा है।

अगर जमीनी स्तर पर देखें तो असम में चुनाव पूरी तरह से ध्रुवीकृत नजर आ रहा है। Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन विकास और योजनाओं पर वोट मांग रहा है, वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी गठबंधन स्थानीय मुद्दों जैसे बाढ़ और बेरोजगारी को उठाकर सरकार को घेर रहे हैं। गांवों में बातचीत के दौरान कई मतदाता सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हैं, लेकिन साथ ही समस्याओं की शिकायत भी करते हैं। यह संकेत देता है कि मुकाबला सीधा है, लेकिन पूरी तरह एकतरफा नहीं।

केरल में तस्वीर थोड़ी अलग है। यहां राजनीति परंपरागत रूप से दो गठबंधनों के बीच घूमती रही है। Pinarayi Vijayan के नेतृत्व में LDF तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है, जो राज्य के इतिहास में कम ही हुआ है। दूसरी तरफ कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF सत्ता वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। जमीनी रिपोर्टिंग बताती है कि यहां मुद्दे विकास से ज्यादा शासन की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के आरोपों पर केंद्रित हैं। NDA भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश में है, लेकिन असली लड़ाई LDF और UDF के बीच ही है।

तमिलनाडु में इस बार मुकाबला दिलचस्प और थोड़ा नया है। M. K. Stalin के नेतृत्व में DMK सरकार अपने कामकाज और कल्याणकारी योजनाओं के आधार पर वोट मांग रही है। दूसरी ओर AIADMK और भाजपा गठबंधन सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। इस चुनाव में अभिनेता Vijay की नई पार्टी TVK भी चर्चा में है, जो वोट कटवा साबित हो सकती है या समीकरण बदल सकती है। शहरों में बेरोजगारी और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे सुनाई देते हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में मुफ्त योजनाओं का असर दिखता है।

पश्चिम बंगाल में चुनाव हमेशा की तरह हाई वोल्टेज है। Mamata Banerjee लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही हैं। भाजपा यहां मजबूत चुनौती बनकर उभरी है और पिछले कुछ सालों में उसने अपना आधार बढ़ाया है। जमीनी स्तर पर लोगों के बीच महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। कई जगहों पर राजनीतिक तनाव भी देखा जा रहा है, जिससे चुनाव का माहौल और संवेदनशील हो गया है।

पुडुचेरी में भले ही सीटें कम हैं, लेकिन राजनीतिक समीकरण जटिल हैं। N. Rangaswamy के नेतृत्व में NDA सरकार सत्ता में है और वह अपने कामकाज के आधार पर वोट मांग रही है। वहीं कांग्रेस और DMK गठबंधन सत्ता वापसी के लिए प्रयास कर रहा है। यहां अक्सर छोटे अंतर से जीत-हार तय होती है, इसलिए गठबंधन और सीट बंटवारा बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।

इन अप्रैल मैं होने वाले राज्यों के चुनाव 2026 में एक बड़ा फैक्टर मतदाता व्यवहार भी है। युवा मतदाता रोजगार और अवसरों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि महिला मतदाता सरकारी योजनाओं और सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दे रही हैं। ग्रामीण और शहरी वोटिंग पैटर्न में भी अंतर साफ नजर आ रहा है, जो अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव सिर्फ राज्य सरकारों के गठन तक सीमित नहीं है। यह राष्ट्रीय राजनीति का ट्रेंड सेट करेगा। अगर भाजपा और उसके सहयोगी राज्यों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए उनका मनोबल बढ़ेगा। वहीं विपक्षी गठबंधन के लिए यह मौका है कि वे अपनी ताकत दिखाएं और एक मजबूत चुनौती पेश करें।

अंत में कहा जा सकता है कि अप्रैल मैं होने वाले राज्यों के चुनाव 2026 सिर्फ चुनाव नहीं बल्कि राजनीतिक दिशा तय करने वाली प्रक्रिया हैं। नतीजे चाहे जो भी हों, इनका असर लंबे समय तक देश की राजनीति पर देखने को मिलेगा। फिलहाल, नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब जनता का फैसला सामने आएगा और तय होगा कि किस राज्य में किसकी सरकार बनेगी।

9 अप्रैल 2026

  • असम (Assam)
  • केरल (Kerala)
  • पुदुचेरी (Puducherry – UT)
    इन तीनों जगहों पर एक ही दिन वोटिंग है

23 अप्रैल 2026

  • तमिलनाडु (Tamil Nadu)
    यहाँ पूरे राज्य में एक ही चरण में मतदान होगा

23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 (2 phases)

  • पश्चिम बंगाल (West Bengal)
    यहाँ चुनाव 2 चरणों में होगा

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